Home मध्य प्रदेश जबलपुर शहीद जवानों को कैंडल मार्च व पुष्पाजंलि देकर दी श्रद्धान्जलि, युवाओं ने...

शहीद जवानों को कैंडल मार्च व पुष्पाजंलि देकर दी श्रद्धान्जलि, युवाओं ने कहा फिर हो सर्जिकल स्ट्राइक, व्यक्त की भावनाएं

219
0

मत बहाना आंसू मेरी शहादत पर देशवासियों, मारा गया हूं लेकिन मरा नही हूँ मैं..! कसम लौटकर फिर आऊंगा वतन के लिए, फिर खड़ा हो जाऊँगा माँ भारती की रक्षा के लिये..! दुःखी ज़रूर होगी माँ मेरी मगर कहना उससे, कि उसका बेटा चला गया दूसरी माँ के लिए.., उतर गया मंगल सूत्र किसी का, किसी की लाठी टूट गई, किसी के घर का चिराग बुझ गया, तो किसी माँ का बेटा चला गया,,,, हे वीर सपूतो, अमर सपूतो, शत शत नमन है तुम्हे, जिस भूमि पर बलिदान दिया, वो बलिदान न जायेगा व्यर्थ। ये मात्र शब्द नही है, ये मात्र पंक्ति नही है, बल्कि ये उन सभी लोगो की भावनाएं है जिनकी जवानो की शहादत से आज आंखे नम है।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में CRPF के जवानों पर हुए आत्मघाती हमले से आज पूरा देश दुःखी है, दिल दहला देने वाली इस घटना में भारत ने 40 जवान खो दिये जिसका असर हर वर्ग को है। संस्कारधानी में भी शहीदों को श्रद्धांजलि देने कैंडल मार्च निकाले जा रहे है, आंतक के खिलाफ पाकिस्तान का पुतला दहन किया जा रहा है। जनता में आक्रोश व्याप्त है। लोग अपने-अपने तरीको से जवानो को पुष्पाजंलि अर्पित कर रहे है। सोशल मीडिया पर भी सिर्फ शहीद जवानो की बाते हो रही है युवाओं का कहना है एक बार फिर हो सर्जिकल स्ट्राइक, शहादत का बदला बड़ा हो। शब्दो के माध्यम से अपनी भावना को सभी व्यक्त कर रहे है। आइये जानते है क्या कहना है लोगो का जिसे जानने की हमने कोशिश की।

हमारी रीढ की हड्डी को किया जा रहा है टारगेट

पुलवामा में जो हमारे जवानो पर हमला किया गया, यह एक मनोवैज्ञानिक तोर पर वीक मेंटालिटी है जिसे हम “सेडस्टिक टेंडेंसी” यानी परपीड़ा में आनन्द लेना कह सकते है। दूसरो को दुख देकर खुशी मानना। हमारी सेना जो हमारी रीढ़ की हड्डी है को टारगेट किया जा रहा है, सरकार को जल्द ही नेशनल लेवल पर कदम उठाने होंगे। सर्जिकल स्ट्राइक जैसा फिर कुछ किया जाना चाहिए और आंतकवाद को रोकने के प्रयास करना चाहिये।

– डॉ मीनल दुबे, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर

सरकार ले एक्शन

पुलवामा में जिस तरह यह आत्मघाती हमला हुआ उसकी मैं निंदा करती हूँ। जिस तरह से बच्चे ब्रेनवाश किये जाते है यह आगे के लिए भी देश के लिए घातक हो सकता है। अब ज़रूरी है कि सरकार सुरक्षा बलों के साथ जल्द ही कोई एक्शन ले। -आयुषी गोस्वामी

आतंकियो को सबक मिले

40 जवानो का एक झटके में शहीद होना बड़ी बात है। सरकार को तुरंत एक्शन लेने की आवश्यकता है। आंतकियों एवं उनके संगठनो को सबक सिखाया जाए। -रुचि तिवारी

हो सर्जिकल स्ट्राइक

जो हुआ है वो गलत हुआ। ज़रूरत है अब एक और सर्जिकल स्ट्राइक की। कुछ ऐसा हो जिससे हमारे जवानो के खून का बदला लिया जा सके।। – दिग्या सिन्हा

जो भाषा समझें उसमे जवाब दो

केंडल मार्च या सोशल मीडिया में ब्लैक बेच लगाना ही सिर्फ श्रद्धान्जलि देना नही है, निसंदेह पुलवामा हमला एक कायरतापूर्ण शर्मनाक हरकत है। जिसकी मैं निंदा करता हूं, लोग कहते है आतंकवाद का कोई धर्म, जात और देश नहीं होता, मैं भी यह मानता हूं। लेकिन अब इस कायराना हरकत के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाए। ये लोग जिस भाषा में समझते है उस भाषा में उत्तर देना बहुत जरूरी है।
―प्रकाम सिंह राजपूत

अब आर या पार हो

पाकिस्तान औऱ आतंक को अब खत्म करने का वक्त है आखिर कब तक हमारे जवान शहीद होते रहेंगे। अब आर या पार की लड़ाई होनी चाहिए। जो शहीद हुए है उन्हें मेरा शत शत नमन है। – मणिकांत वर्मा


समाजसेवियों ने जताया तीखा विरोध

देश प्रेमी व विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले को लेकर तीखा आक्रोश जताया। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं से जुड़े समाजसेवी युवक-युवतियों ने सिविक सेन्टर के वंदे मारतम चौक पर एकत्रित होकर पहले दो मिनिट का मौन धारण करते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद समाजसेवियों ने आंतकवाद के पुतले को घसीटते हुए वन्दे मातरम चौक से लेकर सिविक सेन्टर चौपाटी तक लेकर गए और आंतकवाद के पुतले को जूते से मारते हुए सड़क-सड़क घुमाया गया। इस मौके पर विभिन्न समाजसेवी संस्था में शामिल थैलेसीमिया मुक्त मध्यप्रदेश, हम हैं न फाउण्डेशन, मॉ रेवा रक्तदान सेवा, दीशा वेलफेयर सोसायटी, हम्यूनियूटी ऑग्रनाईजेशन, जैन ब्लड ग्रुप, महादेव रक्तदान सेवा आदि के सदस्य मौजूद रहे।

मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव ने दी श्रद्धान्जलि

पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले को लेकर आज शुक्रवार को सिविक सेंटर स्तिथ दवा मार्केट में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिवो ने शहीद जवानों को पुष्पाजंलि अर्पति की। सभी ने कैंडल जलाकर शहीद जवानों को नमन किया।