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पीएम मोदी ने किया ‘राष्ट्रीय समर स्मारक’ राष्ट्र को समर्पित, बोले हमारी सेना दुनिया की ताकतवर सेना में से एक

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में वीर शहीदों की याद में बने राष्ट्रीय समर स्मारक पर अखंड ज्योति प्रज्जवलित कर राष्ट्र को समर्पित कर दिया। उन्होंने इंडिया गेट पर तीनों सेना प्रमुखों की मौजूदगी में इस स्मारक का उद्घाटन किया। इस दौरान सभी धर्म के गुरुओं ने वॉर मेमोरियल पर शांति का पाठ कराया। इसके बाद शहीदों को सलामी भी दी गई। इस दौरान पीएम मोदी ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने नामुमकिन को मुमकिन किया है, हमारी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना में से एक है। सैनिकों ने हमेशा पहला वार अपने ऊपर लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुश्मनों के खिलाफ और प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने के लिए हमारे जांबाज सैनिक अग्रिम रक्षा पंक्ति में रहते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों की शहादत को याद किया। उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज विश्वभर में नए भारत का कद बड़ा है और यह उसकी सशस्त्र सेना में बड़े उपायों के कारण संभव हुआ है।

पीएम ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों को ‘वन रैंक, वन पेंशन’ उपलब्ध कराने का अपना संकल्प पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ओआरओपी के परिणास्वरूप पेंशन में 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ और 2014 की तुलना में सैन्य कर्मियों के वेतन में 55 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल की मांग होती रही है। इस संदर्भ में उन्होंने घोषणा की कि तीन सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल भी बनाए जाएंगे।

सशस्त्र बलों के प्रति सरकार की अन्य पहलों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सेना दिवस, नौसेना दिवस और वायुसेना दिवस के अवसरों पर सैन्य कर्मियों के अभिनव प्रयोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने 15 अगस्त, 2017 को लॉन्च किए जाने वाले वीरता पुरस्कार पोर्टल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अब फाइटर पायलट बनने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमीशन में महिला अधिकारियों को अपने पुरुष समकक्षों के बराबर स्थायी कमीशन के लिए अवसर मिल रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना ने संयुक्‍त राष्‍ट्र के 70 प्रमुख शांति मिशनों में से लगभग 50 मिशनों में भागीदारी की है। लगभग 2 लाख सैनिक इन कार्रवाइयों का हिस्‍सा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि भारतीय नौ सेना द्वारा 2016 में आयोजित अंतर्राष्‍ट्रीय जहाजी बेड़ा समीक्षा में 50 देशों की नौ सेना ने भाग लिया। उन्‍होंने कहा कि हमारे सशस्‍त्र बल प्रत्‍येक वर्ष मित्र देशों की सेनाओं के साथ औसत रूप से 10 बड़े संयुक्‍त अभ्‍यास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्‍ट्रीय युद्ध स्मार‍क के अतिरिक्‍त राष्‍ट्रीय पुलिस स्‍मार‍क की भी स्‍थापना की गई है। केंद्र सरकार ने सरदार पटेल, बाबा साहब अम्‍बेडकर तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित महान राष्‍ट्रीय नेताओं को मान्‍यता दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्‍ट्रीय हित को सर्वोच्‍च रखते हुए निर्णय लेना जारी रखेगी।

स्मारक की खासियत

बता दे कि, स्मारक की परिकल्पना 1961 में की गई थी। इंडिया गेट के पास 24 एकड़ में बने इस स्मारक पर 176 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इस स्मारक में एक साथ 250 लोग आ सकते हैं। 2015 में कैबिनेट ने इसके निर्माण की मंजूरी दी थी। स्मारक में 16 ऑनर वॉल बने हैं। इन पर लगे ग्रेनाईड के बोर्ड पर आजादी के बाद हुए युद्ध और आतंकवाद निरोधी अभियान के 25 हजार 942 शहीदों ने नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हैं। स्मारक के निर्माण पर पीएम मोदी ने कहा कि इस सरकार को नामुमकिन को मुमकिन बनाना आता है।