Home साहित्य कविताएं जब साथ मिला तेरा तो फागुन,,,, : रामप्रकाश राजपूत

जब साथ मिला तेरा तो फागुन,,,, : रामप्रकाश राजपूत

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जब साथ मिला तेरा तो फागुन फागुन सा लगने लगा …….

अरमान मोहब्बत का आँखों में मेरी सजने लगा
रंग गुलाल का अब मुझको भी अच्छा लगने लगा
जब साथ मिला तेरा तो
फागुन फागुन सा लगने लगा

जो तेरे साथ गुजारूँ लम्हे उन लम्हो को अपना बना लूँ
मेरे हाथों में हो हाथ तेरा तो खुद पर मैं इतरा लूँ
तुझसे मिलने की खातिर मैं बनने सवरने लगा
जब साथ मिला तेरा तो
फागुन फागुन सा लगने लगा

अब यारों के संग मिलकर मैं भी हुड़दंग मचाऊँ
तुझको रंगों में भिगोकर मै खुद भी रंग जाऊं
पाकर तेरी खुशबू को मैं खुद भी महकने लगा
जब साथ मिला तेरा तो
फागुन फागुन सा लगने लगा

जब साथ मिला तेरा तो फागुन फागुन सा लगने लगा……

। कवि : रामप्रकाश राजपूत ।