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जबलपुर: स्वदेशी तकनीक से बनाई गई ‘धनुष’ तोप आज हुई सेना में शामिल, जाने क्या है खास

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जबलपुर। सोमवार का दिन जबलपुर के लिए बेहद खास व गौरव भरा रहा है। आपको बता दे कि शहर गन कैरिज फैक्टरी (जीसीएफ) में स्वदेशी तकनीक से बनाई गई ‘धनुष’ तोप (155 एमएम/45 कैलिबर गन) सोमवार को भारतीय सेना में शामिल की गई। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय सेना को जबलपुर में बनी शक्तिशाली 6 धनुष तोपों को एक भव्य समारोह में भारतीय सेना को सौंपा गया। 155/45 कैलिबर गन प्रणाली से युक्त धनुष तोप सेना की मारक क्षमता में वृद्धि करेगी।

बता दे कि, धनुष तोप की गन प्रणाली 1980 में प्राप्त बोफोर्स पर आधारित है। धनुष तोप को बोफोर्स की तर्ज पर जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। जीसीएफ प्रशासन की ओर से पहली खेप में सेना के लिए एक साथ 6 धनुष तोप सौंपी जा रही है। निर्माणी प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि धनुष तोप बेहद उम्दा है, जिसके लिए आधुनिक समय के हिसाब से इसे अपग्रेड किया गया है। इस तोप पर ठंडे, गर्म मौसम का कोई असर नहीं होता। ओएफबी अधिकारियों ने इस दौरान सभी अतिथियों को इस तोप की खूबियों से वाकिफ कराया

यह है खास –

सेना ने 114 धनुष तोपों का ऑर्डर दिया है। धनुष की खास बात यह है कि, ये देश में निर्मित होने वाली लंबी रेंज की यह पहली तोप है। धनुष तोप के बैरल का वजन 2692 किलो है और इसकी लंबाई आठ मीटर है। धनुष तोप की मारक क्षमता 42-45 किलोमीटर तक है। धनुष तोप लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम है और यह प्रति मिनट दो फायर करती है। इसमें 46.5 किलो का गोला प्रयोग किया जाता है।

इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. अजय कुमार सचिव रक्षा उत्पादन और अध्यक्ष सौरभ कुमार महानिदेशक ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी), कमाडेंट आर्टिलरी स्कूल आरएस कलारिया, लेफ्टिनेंट जनरल आर्टिलरी पीके श्रीवास्तव, हरि मोहन बोर्ड मेंम्बर, रजनीश जौहरी ओएफबी के जीएम मौजूद रहे।