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रादुविवि में परिसंवाद आयोजित, कुलपति बोले शिक्षा का सही अर्थ सबको सुखी रखना है, विवि तेजी से विकास की ओर अग्रसर है

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जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं महात्मा गाँधी राष्ट्रीय शिक्षण परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को विवि में समस्त विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में परिसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विवि कुलपति कपिल देव मिश्र ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिक्षा का सही अर्थ सबको सुखी रखना है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है हम गाँव और उस समाज के मूल को जाने। इसके लिए जरुरी है इसे अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये। कुलपति ने कहा कि जो बच्चा गाँव छोड़ कर विदेश चला जाता है उनका एकाकीपन से उसकी पीड़ा समझी जा सकती है।

परिसंवाद कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ख्याति धुर्वे ने पीपीटी की प्रस्तुती करते हुए बताया की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे अन्तराल को दूर करने के लिए इस पाठ्यक्रम को आरम्भ किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम में कुल 4 क्रेडिट है और इसे विद्यार्थी प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक के माध्यम से हासिल कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत शहरी लोगों को गाँव की संस्कृति से परिचित करना है जिससे शिक्षा का आदान – प्रदान हो सके।

इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रो. अंजना शर्मा, प्रो. आर.के. यादव, प्रो. एस.एस. संधु, प्रो.धीरेन्द्र पाठक, प्रो. मृदुला दुबे, प्रोपी.वी. जैन, प्रो. रामशंकर, प्रो. सुरेन्द्र सिंह, प्रो. आर.पी. मिश्रा, प्रो. सुभाषचद्र शर्मा, डॉ. ए.के. गिल, डॉ. राजेश्वरी राणा, एन.एस.एस. समन्वयक डॉ. अशोक मराठे, डॉ. अजय गुप्ता, सहायक कुलसचिव मिनाल गुप्ता एवं राजेन्द्र दुबे उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय तेज़ी से विकास कि ओर कदम बढ़ा रहा : प्रो. मिश्र

विवि कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र ने बताया कि 2019 के नये सत्र के लिए साइबर सिक्योरिटी, जेंडर, वोकेशनल कोर्स, कंप्यूटर एवं रिन्यूअल एनर्जी जैसे पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं. इसके साथ महिला सशक्तिकरण कि दृष्टि से छात्राओं के लिए खेल, योग, जिम, कैंटीन के साथ ड्राइविंग में डिप्लोमा कोर्स शुरू होगा जो केवल महिलाओं के लिए मान्या रहेगा। कुलपति ने यह भी बताया कि उनके कार्यरत होने से पहले विश्वविद्यालय को जो बी ग्रेड मिला था, उसे ए प्लस में बदलने के लिए विश्वविद्यालय तेज़ी से विकास कि ओर कदम बढ़ा रहा है।