Home मध्य प्रदेश जबलपुर Jabalpur : सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से दी जाएगी थैलेसीमिया बीमारी की...

Jabalpur : सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से दी जाएगी थैलेसीमिया बीमारी की जानकारी, अभिनेत्री रश्मि गुप्ता करेगी रक्तदान के लिए हर वर्ग को प्रेरित

97
0

जबलपुर। शहर के तमाम सामाजिक कार्यकर्ता व सामाजिक संगठनों के द्वारा 10 जून सोमवार को मानस भवन में एक वृहद स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जबलपुर शहर की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने व उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में लगभग चार दर्जन से अधिक प्रतिभागियों के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। जिनका हौसला अफजाई करने के लिए टीवी नाटक गुडडन तुमसे न हो पाएगा की अभिनेत्री रश्मि गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका इस आयोजन में होगी। जो इस स्टेप-अप कार्यक्रम के माध्यम से थैलेसीमिया की बीमारी का ज्ञान और रक्तदान के संबंध में उपस्थितजनों को प्रेरित करने का कार्य किया जाएगा।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि आयोजन को करने का प्रमुख उद्देश्य यह है की समाज के हर वर्ग को थैलेसीमिया की बीमारी की जानकारी पहुंच सके व इस कार्यक्रम के माध्यम से चैरिटी का भी कार्य किया जाएगा, ताकि थैलेसीमिया पीडि़तों को समय-समय पर उपचार के लिए लगने वाली धनराशि का उपयोग इस कार्यक्रम से प्राप्त होने वाली राशि से किया जा सकेगा।  उल्लेखनीय है कि थैलेसीमिया मुक्त मप्र समिति के द्वारा लागातार जन जागरूकता फैलाने की दिशा में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं, इसके पूर्व में वृहद रैली एवं हस्ताक्षर अभियान सहित समय-समय पर हर वर्ग को थैलेसीमिया के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जाता है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार देश भर में करीब 5 लाख, मप्र में करीब 7 हजार और जबलपुर में लगभग 500 थैलेसीमिया पीडि़त मरीज हैं। जिनकों हर माह दो से तीन यूनिट ब्लड लगना अनिवार्य होता है, तभी वह जीवित व बीमारी से जंग लड पाते हैं। इसके लिए जबलपुर के तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं व संगठनों के द्वारा उन्हें ब्लड उपलब्ध करवाए जाने की दिशा में कार्य किया जाता है। लेकिन थैलेसीमिया की बीमारी से पीडि़तों की लगातार बढ़ रही संख्या कहीं न कहीं चिंताजनक है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना बहुत ही जरूरी है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो एक दिन थैलेसीमिया पीडि़तों की संख्या में अत्यधिक इजाफा हो जाएगा। जिससे उन्हें ब्लड उपलब्ध करवाना अत्यंत मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव भी हो सकता है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं व संगठनों के द्वारा सरकार व प्रशासन से थैलेसीमिया मुक्त समाज बनाए जाने की दिशा में विभिन्न माध्यमों से समय-समय पर मांग भी की जा रही है, ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म करते हुए रोकने का कार्य किया जा सके।