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थैलेसीमिया मुक्त समाज व रक्तदान के प्रति स्टेप अप कार्यक्रम आयोजित, टीवी अभिनेत्री रश्मि गुप्ता व नाटक कलाकारा श्रेया खण्डेलवाल ने दिया सन्देश

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जबलपुर। शहर के तमाम सामाजिक कार्यकर्ता व सामाजिक संगठनों के द्वारा 10 जून सोमवार को राइट टाउन स्तिथ मानस भवन में एक वृहद स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम स्टेप अप का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को थैलेसीमिया की बीमारी से मुक्त व बीमारी की जानकारी जन-जन तक पहुंचा सके और समाज के हर वर्ग को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा सके। वहीं इस कार्यक्रम के माध्यम से थैलेसीमिया पीडि़तों की मदद भी की जा सके। कार्यक्रम में टीवी धारावाहिक की अभिनेत्री रश्मि गुप्ता (गुड्डन तुमसे न हो पाएगा) ने भी शिरकत की उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि शादी से पहले कुण्डली मिलान की तरह थैलेसीमिया की जांच आवश्यक करवाएं और गर्भवती महिला की भी थैलेसीमिया की जांच आवश्य हो। वहीं उन्होंने सभी वर्गो से अधिक से अधिक बार रक्तदान करने की भी अपील की है, ताकि थैलेसीमिया पीडि़तों को समय पर ब्लड मिल सके।

इस मौके पर कार्यक्रम में नाटक कलाकार श्रेया खण्डेलवाल ने थैलेसीमिया को लेकर मंच पर एक नाटक की प्रस्तुति दी, जिसे देखकर सभी उपस्थित दर्शको की आंखें नम हो गई। थैलेसीमिया पर आधारित नाटक का लेखन व निर्देशन श्रेया खण्डेलवाल के पिता विकास खण्डेलवाल के द्वारा तैयार किया गया था, जिसमें श्रेया की माता अर्चना खण्डेवाल व पिता विकास खण्डेलवाल ने स्वयं महत्वपूर्ण रोल अदा किया था। इस मौके पर आयोजन में नृत्य की प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर आयोजक समिति के विकास शुक्ला, सरबजीत सिंह नारंग, प्रशांत विनोदिया, भीष्म सदारंगानी, अंजुलता गुप्ता, रुद्राक्ष पाठक, आयुष दीवान, रत्नेश राय, गजेन्द्र कूपर, ऋचा चौकसे, दीव्यांशु विश्वकर्मा आदि ने बताया कि थैलेसीमिया मुक्त मप्र समिति के द्वारा लागातार जन जागरूकता फैलाने की दिशा में विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं, इसके लिए जबलपुर के तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं व संगठनों के द्वारा उन्हें ब्लड उपलब्ध करवाए जाने की दिशा में कार्य किया जाता है, लेकिन थैलेसीमिया की बीमारी से पीडि़तों की लगातार बढ़ रही संख्या कहीं न कहीं चिंताजनक है, इसके लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना बहुत ही जरूरी है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो एक दिन थैलेसीमिया पीडि़तों की संख्या में अत्यधिक इजाफा हो जाएगा। जिससे उन्हें ब्लड उपलब्ध करवाना अत्यंत मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव भी हो सकता है।