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नये मोटर व्हीकल एक्ट में 500 से 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

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केंद्रीय कैबिनेट ने मोटर वाहन (संशोधन) बिल काे मंजूरी दे दी है। आपको बता दे कि, इस प्रस्ताव में ट्रैफिक नियमाें के उल्लंघन पर भारी जुर्माना है। एंबुलेंस जैसे वाहनों को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद वाहन चलाने पर भी 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। यह बिल पहले राज्यसभा में लंबित था, लेकिन 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद यह निरस्त हो गया था। संशोधित बिल में नाबालिगों के गाड़ी चलाने, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने, रैश ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइविंग, ओवरस्पीड और ओवरलाेडिंग पर भी कड़े जुर्माने का प्रावधान है।

वही, ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर्स ने ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन किया ताे 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगेगा। बिल के प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित हैं। इन सिफारिशों को संसद की स्थायी समिति ने भी परखा है। नये बिल में किये गए प्रावधानों के तहत बिना बीमा पॉलिसी वाहन चलाने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना रखा गया है। बिना सीट बेल्ट लगाए या बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और 3 माह के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाना शामिल है। साथ ही वाहन का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया जाएगा।

संशोधन विधेयक के मसौदे के अनुसार यातायात नियमों का उल्लंघन किये जाने पर न्यूनतम 100 रुपये के स्थान पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि नाबालिग ने गाड़ी चलाते हुए अपराध किया ताे गाड़ी मालिक-अभिभावक दोनों दोषी हाेंगे। 3 साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माना भी देना हाेगा, रजिस्ट्रेशन भी रद्द हाेगा। वहीं सरकारी अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं करने पर 500 रुपये के स्थान पर अब 2,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। वाहन का अनाधिकृत इस्तेमाल करने पर 5,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर भी इतना ही जुर्माना देना होगा। खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 1,000 के बजाय 5,000 रुपये और शराब पीकर वाहन चलाने पर 10,000 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

आपको बता दे मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में संशोधन बिल पहले ही लोकसभा में पास हो चुका है। हालांकि इसे राज्यसभा में पास कराने को लेकर सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी चुनौती बिल को बहुमत से पास कराने की है। लोकसभा में पास हुआ बिल ही राज्यसभा में लाया जाएगा। इस बिल के मसौदे के अनुसार वाहन चालक लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया जाएगा। संशोधित विधेयक में पर्यावरण के साथ यातायात वाहनों की ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग को लेकर भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संशोधित विधेयक में जुर्माने की अधिकतम राशि एक लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है। इसे भी राज्य सरकारों की तरफ से 10 गुना तक बढ़ाया जा सकता है